यह समय चांद की जगमगाती ऊर्जा से भरी होती है। यह तत्वों का एक मिलन है जो दिव्य वृद्धि के लिए संभव मार्ग प्रदान करता है। योगी इस घड़ी को ध्यान से आत्मनिरीक्षण के लिए प्रयुक्त करते हैं । यह चांद का प्रकाश आत्मा को सुख प्रदान करता है और सृजनशीलता को प्रोत्साहित करता है । बुद्ध का अनदेखा स्वरूप: तांत्रिक
गौतम बुद्ध का अंत समय कब आया?
गौतम बुद्ध, जिन्हें भगवान {शाकि महात्मा और सिद्धार्थ भी कहा जाता था, परांपरिक ज्ञान के अनुसार लगभग 563 ईसा पूर्व में। उनका मृत्यु स्थल कपिलवस्तु माना जाता है। {उनकी उनके अंतिम दिनों में वे काफी बीमार थे {बुद्ध अपने शिष्यों से विदाई ली । श्री बुद्ध का महापरिनिर्वाण: कैसे हुआ? श्री बुद्ध ने